{"title":"BOOKS","description":null,"products":[{"product_id":"mahamangalkari-navsmaran-sutra-hindi","title":"Mahamangalkari Navsmaran sutra (Hindi)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eमहामांगलिक नव स्मरण सूत्र (सार्थ) – जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eमहामांगलिक नव स्मरण सूत्र (सार्थ) जैन धर्म की आराधना, भक्ति और दैनिक साधना के लिए एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली ग्रंथ है। इस पुस्तक में नव स्मरण सूत्रों के शब्दार्थ, गहरे अर्थ और सूत्र परिचय का विस्तृत समावेश किया गया है, जो आपकी आत्म-साधना को अधिक सरल और अर्थपूर्ण बनाएगा।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैसा कि हम image.png में देख सकते हैं, यह पुस्तक एक बेहद सुंदर फ्लोरल डिजाइन और आकर्षक कवर पेज के साथ आती है, जो इसे स्वाध्याय (Self-study) के साथ-साथ अपनों को भेंट (Gift) देने के लिए भी उत्तम बनाती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eमुख्य विशेषताएँ (Key Features):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• सपूर्ण सार्थ विवरण: प्रत्येक सूत्र के शब्दार्थ (Word-to-word meaning) और उनके गहरे भावार्थ को बेहद सरल भाषा में समझाया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• सूत्र परिचय: सूत्रों के महत्व, उनकी महिमा और उनकी पृष्ठभूमि की सटीक जानकारी।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• बेहतरीन गुणवत्ता: प्रीमियम पेपर क्वालिटी और स्पष्ट अक्षरों की छपाई, जिससे पढ़ने में आसानी रहे।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रकाशक: जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर, अहमदाबाद।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eउत्पाद विवरण (Product Specifications):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• पुस्तक का नाम: महामांगलिक नव स्मरण सूत्र (सार्थ)\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• विषय: जैन भक्ति, आराधना और सूत्र ज्ञान\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• उपयोगिता: दैनिक सामायिक, प्रतिक्रमण, स्वाध्यायी भाई-बहनों और जैन धर्म के जिज्ञासुओं के लिए अनिवार्य पुस्तक।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":47896237670553,"sku":null,"price":120.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/23623A4A-01C2-4CD3-B201-2CB943A06AB3.png?v=1781075183"},{"product_id":"shreepal-rajaji-ka-raas","title":"Shreepal rajaji ka raas","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eश्रीपाल राजा का रास जैन धर्म के इतिहास और साहित्य का एक अत्यंत प्रेरणादायी और महान ग्रंथ है। यह पावन ग्रंथ राजा श्रीपाल और रानी मयणासुंदरी के जीवन, उनके अटूट समर्पण, नवपद ओली जी की असीम महिमा और कर्मों के प्रभाव को बेहद सुंदर रूप से दर्शाता है। स्वाध्याय और धार्मिक ज्ञानवर्धन के लिए यह एक अनिवार्य पुस्तक है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैसा कि हम फोटो में देख सकते हैं, यह पुस्तक एक भव्य और आकर्षक सचित्र हार्डबाउंड (Hardbound) कवर के साथ आती है, जिसके केंद्र में श्री नवपद जी चक्र और जैन कलाकृति की सुंदर प्रस्तुति है। इसका प्रीमियम लुक इसे घर के मंदिर, व्यक्तिगत संग्रह या किसी को प्रभावना (Gift) में देने के लिए सर्वोत्तम बनाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eमुख्य विशेषताएँ (Key Features):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रेरणादायी गाथा: राजा श्रीपाल और सती मयणासुंदरी के जीवन का संपूर्ण और प्रामाणिक वृत्तांत।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• नवपद महिमा: जैन शासन के महापर्व नवपद ओली जी की आराधना और उसके चमत्कारी प्रभावों का सुंदर वर्णन।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• सचित्र एवं आकर्षक डिजाइन: सुंदर धार्मिक चित्रों और मजबूत बाइंडिंग के साथ दीर्घकालिक उपयोग के लिए तैयार।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• स्पष्ट छपाई: बड़े और स्पष्ट अक्षर, जिससे बुजुर्गों और स्वाध्यायी भाई-बहनों को पढ़ने में पूरी सुगमता रहे।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रकाशन: श्री जैन दर्शन (Shri Jain Darshan)।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eउत्पाद विवरण (Product Specifications):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• पुस्तक का नाम: श्रीपाल राजा का रास (Shripal Raja Ka Raas)\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• विषय: जैन इतिहास, धार्मिक कथा, नवपद आराधना और स्वाध्याय\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• कवर प्रकार: प्रीमियम हार्डबाउंड (Hardcover)\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• उपयोगिता: ओली जी की आराधना, पर्युषण पर्व के स्वाध्याय, धार्मिक वाचन और प्रभावना के लिए उत्तम।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":47896244781209,"sku":null,"price":350.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/F7FB3D40-3F70-4F70-9973-E3B414B3C290.png?v=1781075472"},{"product_id":"shree-darshan-chobisi-annanupurvi-hindi","title":"shree darshan chobisi (annanupurvi hindi)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयहाँ आपकी Shopify स्टोर के लिए इस पुस्तक का एक आकर्षक और पेशेवर विवरण (Description) दिया गया है। इसे आप सीधे अपने स्टोर पर कॉपी-पेस्ट कर सकते हैं:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eश्री जिनेन्द्र दर्शन चौबीसी (अनानुपूर्वी सहित) - पावन जैन भक्ति एवं आराधना ग्रंथ\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eअपने घर में लाएं सात्विकता, शांति और भक्ति का अनुपम उपहार। \"श्री जिनेन्द्र दर्शन चौबीसी (अनानुपूर्वी सहित)\" एक अत्यंत पवित्र और अमूल्य जैन धार्मिक ग्रंथ है, जो जैन धर्म के २४ तीर्थंकरों (चौबीसी) की स्तुति, दर्शन और आराधना के लिए विशेष रूप से संकलित किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक न केवल स्वाध्याय (Self-study) के लिए श्रेष्ठ है, बल्कि प्रतिदिन जिन-दर्शन और प्रभु भक्ति के समय उपयोग करने के लिए भी सर्वोत्तम है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रमुख विशेषताएँ (Key Features):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• पूर्ण चौबीसी दर्शन: जैन धर्म के सभी २४ पूजनीय तीर्थंकरों की स्तुति और दर्शन पाठ का अनूठा संग्रह।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• अनानुपूर्वी सहित (Ananupurvi Included): इस ग्रंथ में अनानुपूर्वी (मंत्रों\/पदों का विशेष क्रमबद्ध अभ्यास) को शामिल किया गया है, जो मानसिक एकाग्रता, ध्यान और कर्मों की निर्जरा में अत्यंत सहायक माना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• सुंदर एवं आकर्षक मुखपृष्ठ: पुस्तक का कवर भव्य जैन जिनालय (मंदिर) की सुंदर कलाकृति से सुसज्जित है, जो इसकी दिव्यता को और बढ़ाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• स्पष्ट और पठनीय फॉन्ट: वृद्धजनों से लेकर युवाओं तक, सभी के लिए पढ़ने में बेहद सुगम और स्पष्ट हिंदी अक्षरों का उपयोग।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रीमियम क्वालिटी: मजबूत बाइंडिंग और उच्च गुणवत्ता वाले पन्नों के साथ, जो लंबे समय तक स्वाध्याय के लिए एकदम अनुकूल हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रतिदिन देव-दर्शन और जैन पूजा-पाठ करने वाले श्रावक-श्राविकाओं के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• पर्यूषण पर्व, अष्टान्हिका महापर्व या विशेष धार्मिक प्रसंगों पर उपहार (प्रभावना) स्वरूप देने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• घर के मंदिर या स्वाध्याय कक्ष की शोभा बढ़ाने और ज्ञानार्जन के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":47902180376729,"sku":null,"price":100.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/B14989B8-2EAA-469D-A9F7-1DD8AFAF97CB.png?v=1781246709"},{"product_id":"shree-darshan-chobisi-annanupurvi-gujarati","title":"Shree darshan chobisi ( annanupurvi gujarati)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयहाँ आपकी Shopify स्टोर के लिए इस पुस्तक का एक आकर्षक और पेशेवर विवरण (Description) दिया गया है। इसे आप सीधे अपने स्टोर पर कॉपी-पेस्ट कर सकते हैं:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eश्री जिनेन्द्र दर्शन चौबीसी (अनानुपूर्वी सहित) - पावन जैन भक्ति एवं आराधना ग्रंथ\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eअपने घर में लाएं सात्विकता, शांति और भक्ति का अनुपम उपहार। \"श्री जिनेन्द्र दर्शन चौबीसी (अनानुपूर्वी सहित)\" एक अत्यंत पवित्र और अमूल्य जैन धार्मिक ग्रंथ है, जो जैन धर्म के २४ तीर्थंकरों (चौबीसी) की स्तुति, दर्शन और आराधना के लिए विशेष रूप से संकलित किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक न केवल स्वाध्याय (Self-study) के लिए श्रेष्ठ है, बल्कि प्रतिदिन जिन-दर्शन और प्रभु भक्ति के समय उपयोग करने के लिए भी सर्वोत्तम है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रमुख विशेषताएँ (Key Features):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• पूर्ण चौबीसी दर्शन: जैन धर्म के सभी २४ पूजनीय तीर्थंकरों की स्तुति और दर्शन पाठ का अनूठा संग्रह।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• अनानुपूर्वी सहित (Ananupurvi Included): इस ग्रंथ में अनानुपूर्वी (मंत्रों\/पदों का विशेष क्रमबद्ध अभ्यास) को शामिल किया गया है, जो मानसिक एकाग्रता, ध्यान और कर्मों की निर्जरा में अत्यंत सहायक माना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• सुंदर एवं आकर्षक मुखपृष्ठ: पुस्तक का कवर भव्य जैन जिनालय (मंदिर) की सुंदर कलाकृति से सुसज्जित है, जो इसकी दिव्यता को और बढ़ाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• स्पष्ट और पठनीय फॉन्ट: वृद्धजनों से लेकर युवाओं तक, सभी के लिए पढ़ने में बेहद सुगम और स्पष्ट हिंदी अक्षरों का उपयोग।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रीमियम क्वालिटी: मजबूत बाइंडिंग और उच्च गुणवत्ता वाले पन्नों के साथ, जो लंबे समय तक स्वाध्याय के लिए एकदम अनुकूल हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रतिदिन देव-दर्शन और जैन पूजा-पाठ करने वाले श्रावक-श्राविकाओं के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• पर्यूषण पर्व, अष्टान्हिका महापर्व या विशेष धार्मिक प्रसंगों पर उपहार (प्रभावना) स्वरूप देने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• घर के मंदिर या स्वाध्याय कक्ष की शोभा बढ़ाने और ज्ञानार्जन के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":47902181294233,"sku":null,"price":70.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/84F649A6-1582-45A4-9032-13981DD90E5C.png?v=1781246896"},{"product_id":"chalo-vimalgiri-jaiye-panch-chaityavandan","title":"chalo vimalgiri jaiye ( panch chaityavandan)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eचालो विमलगिरि जईए... (पावन शत्रुंजय तीर्थ आराधना ग्रंथ)\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eशाश्वत तीर्थराज श्री शत्रुंजय महातीर्थ (पालिताणा) की भावयात्रा और आराधना को समर्पित एक अत्यंत अमूल्य पुस्तक! \"चालो विमलगिरि जईए...\" हर उस भाविक आत्मा के लिए एक मार्गदर्शिका है, जो गिरिराज की भक्ति और पावन यात्रा के पुण्य का लाभ उठाना चाहता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस ग्रंथ में शत्रुंजय महातीर्थ से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण चैत्यवंदन, विधि और यात्राओं का ऐसा अनूठा संग्रह है, जो आपकी साधना को और अधिक गहरे भावों से भर देगा।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक में समाहित मुख्य आकर्षण (Main Contents):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• शत्रुंजय ना पांच चैत्यवंदन: गिरिराज की पावन यात्रा के दौरान किए जाने वाले पांच मुख्य चैत्यवंदन की संपूर्ण विधि।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• नववाणुं यात्राविधि (99 यात्रा विधि): पालिताणा की प्रसिद्ध 99 यात्रा (नववाणुं यात्रा) की प्रामाणिक और विस्तृत विधि का संग्रह।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• चातुर्मास आराधनाविधि: चौमासे के चार पवित्र महीनों में की जाने वाली विशेष जैन आराधनाओं का मार्गदर्शन।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• श्री सिद्धाचल भावयात्रा: यदि आप घर बैठे भी गिरिराज का स्मरण करना चाहें, तो भावयात्रा के माध्यम से सिद्धाचल जी के दर्शन का अनूठा अनुभव।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• शत्रुंजय लघु कल्प एवं १०८ नाम संग्रह: शत्रुंजय महातीर्थ की महिमा का वर्णन करने वाले विशेष कल्प और प्रभु के १०८ कल्याणकारी नामों का पावन संग्रह।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रमुख विशेषताएँ (Key Features):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• सुंदर मुखपृष्ठ (Cover Design): जैसा कि फोटो में देखा जा सकता है, इसके फ्रंट कवर पर पवित्र शत्रुंजय गिरिराज (जिनालयों) की एक अत्यंत सुंदर और भव्य तस्वीर है, जो मन को भक्तिमय कर देती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• सरल और सुस्पष्ट भाषा: गुजराती और प्रामाणिक जैन विधि-विधानों को बेहद स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत किया गया है ताकि आराधना करने में कोई कठिनाई न हो।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• स्वाध्याय और प्रभावना के लिए श्रेष्ठ: यह पुस्तक स्वयं के दैनिक स्वाध्याय के लिए जितनी उपयोगी है, उतनी ही जैन धार्मिक प्रसंगों, उपधान तप, या नववाणुं यात्रा के पूर्ण होने पर प्रभावना (उपहार) स्वरूप देने के लिए भी सर्वोत्तम है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रीमियम हार्डबाउंड क्वालिटी: लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाली मजबूत बाइंडिंग और उच्च गुणवत्ता वाले पन्ने।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902183129241,"sku":null,"price":30.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Hindi","offer_id":47902183162009,"sku":null,"price":30.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/A4FA1003-9E6E-40CD-9867-C1AD14EF6835.png?v=1781247053"},{"product_id":"snatra-pooja-book-with-vidhi-sahit","title":"Snatra pooja book with vidhi sahit","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eश्री स्नात्र पूजा (विधि सहित) - प्रभुजी नो जन्माभिषेक ग्रंथ\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैन धर्म के अत्यंत पावन और दैनिक अनुष्ठान को समर्पित एक अमूल्य पुस्तक! \"श्री स्नात्र पूजा (विधि सहित)\" श्रावक-श्राविकाओं के लिए प्रभु भक्ति और क्रिया-अनुष्ठान को सही विधि से संपन्न करने का एक संपूर्ण माध्यम है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस पवित्र ग्रंथ में देव-गुरु-धर्म की आराधना, प्रभु के जन्माभिषेक की मंगलकारी विधि और भक्तिमय भजनों\/स्तुतियों का ऐसा सुंदर संकलन है, जो आपके घर-आँगन और मंदिर को सकारात्मक ऊर्जा से भर देगा।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक की मुख्य विशेषताएँ और विषय-सूची (Key Features \u0026amp; Contents):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• संपूर्ण स्नात्र पूजा विधि: जैन शास्त्रों के अनुसार स्नात्र पूजा की शुरुआत से लेकर अंत तक की पूरी विधि को बेहद सरल और क्रमबद्ध तरीके से समझाया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रभुजी नो जन्माभिषेक (Prabhuji No Janmabhishek): सुमेरु पर्वत पर ५६ दिक्कुमारियों और इंद्र महाराजा द्वारा किए जाने वाले प्रभु के पावन जन्माभिषेक के प्रसंगों और ढालों का सुंदर वर्णन।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• शुद्ध एवं स्पष्ट पाठ: मंत्रों, श्लोकों और ढालों का शुद्ध वाचन करने के लिए एकदम साफ और बड़े फॉन्ट का उपयोग किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• आकर्षक मुखपृष्ठ (Cover Design): जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक के मुख्य आवरण पर ५६ दिक्कुमारियों\/इंद्र द्वारा बाल तीर्थंकर परमात्मा के जन्माभिषेक का एक अत्यंत मनमोहक और भक्तिपूर्ण चित्र अंकित है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• मजबूत बाइंडिंग और प्रीमियम क्वालिटी: नित्य स्वाध्याय और पूजा-पाठ के समय उपयोग के लिए मजबूत हार्डबाउंड कवर और बेहतरीन क्वालिटी के पन्ने।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक कहाँ-कहाँ उपयोगी है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• दैनिक देव-पूजा: घर के जिनालय या जैन मंदिर में नियमित रूप से स्नात्र पूजा पढ़ाने और करने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• मांगलिक प्रसंग: नए घर के उद्घाटन (गृह प्रवेश), जन्मदिवस, व्यापार की शुरुआत या किसी भी शुभ प्रसंग पर स्नात्र महोत्सव रखने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• धार्मिक प्रभावना (Gift): भक्ति संगीत, तपस्या के पारणे, संघ पूजा या पर्यूषण महापर्व के दौरान साधर्मिक भक्ति और प्रभावना स्वरूप भेंट देने के लिए सर्वोत्तम।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902188077209,"sku":null,"price":30.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Hindi","offer_id":47902188109977,"sku":null,"price":30.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"English","offer_id":47902188142745,"sku":null,"price":70.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/33906B97-FA26-4F54-84AD-4177452FC6AD.png?v=1781247972"},{"product_id":"devsi-ray-pratikraman-sutra-gujarati-hindi-english","title":"Devsi ray pratikraman sutra (Gujarati,Hindi \u0026 English)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eश्री दो प्रतिक्रमण सूत्र (हिंदी भावार्थ तथा उपयोगी विवरणों के साथ)\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैन धर्म की दैनिक साधना और आत्म-शुद्धि के सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान को समर्पित एक परम आवश्यक ग्रंथ! \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e\"श्री दो प्रतिक्रमण सूत्र\"\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e श्रावक और श्राविकाओं के लिए दिनभर में जाने-अनजाने में हुए पापों, भूलों और कर्मों की आलोचना कर आत्मा को निर्मल बनाने का एक दिव्य माध्यम है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह विशेष संस्करण न केवल मूल सूत्रों को समाहित करता है, बल्कि उनके गहरे अर्थों को समझने के लिए \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eहिंदी भावार्थ और उपयोगी विवरणों\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e के साथ तैयार किया गया है, ताकि हर आराधक सहजता से क्रिया के भावों से जुड़ सके।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक की मुख्य विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eदो प्रतिक्रमण सूत्रों का संकलन:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e दैनिक जीवन में आवश्यक दो मुख्य प्रतिक्रमण सूत्रों का प्रामाणिक और शुद्ध पाठ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eहिंदी भावार्थ सहित:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e सूत्रों का केवल रटन नहीं, बल्कि उनका वास्तविक अर्थ समझने के लिए सरल हिंदी अनुवाद (भावार्थ) दिया गया है, जो एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eउपयोगी विवरण और विधि:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e प्रतिक्रमण की सही विधि, आसन, मुद्राएँ और अनुष्ठान से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों का विस्तार से मार्गदर्शन।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eपरम्परागत मुखपृष्ठ (Cover Design):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e जैसा कि आप फोटो \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eमें देख सकते हैं, पुस्तक के आवरण पर सादगी और वैराग्य से परिपूर्ण एक जैन मुनि भगवंत की सुंदर कलाकृति अंकित है, जो आराधना की गहराई को दर्शाती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eप्रामाणिक प्रकाशन:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e यह ग्रंथ \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eश्री जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर, अहमदाबाद\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e द्वारा प्रकाशित है, जो अपनी प्रामाणिकता और शुद्धता के लिए जाना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह ग्रंथ किसके लिए अनिवार्य है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eदैनिक आराधक:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e जो प्रतिदिन सुबह (राई) और शाम (देवसी) प्रतिक्रमण की क्रिया करते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eपर्युषण पर्व आराधना:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e पर्यूषण महापर्व के दिनों में वार्षिक (सांवत्सरिक) प्रतिक्रमण और आत्म-निरीक्षण के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eज्ञानशाला और युवा वर्ग:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e जो युवा या बच्चे सूत्रों का अर्थ समझकर जैन क्रियाओं को वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से सीखना चाहते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eधार्मिक प्रभावना (Gift):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e तपस्वियों के पारणे, साधर्मिक भक्ति, या चातुर्मास के दौरान ज्ञानदान और प्रभावना स्वरूप भेंट करने के लिए एक सर्वोत्तम और ज्ञानवर्धक उपहार।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902205018265,"sku":null,"price":80.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Hindi","offer_id":47902205051033,"sku":null,"price":90.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"English","offer_id":47902205083801,"sku":null,"price":80.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/0E2076A8-2320-45E4-8955-7AC132CDF0B6.png?v=1781248529"},{"product_id":"do-pratikraman-vidhi-gujarati-hindi","title":"Do pratikraman vidhi (gujarati \u0026 hindi)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eश्री दो प्रतिक्रमण सूत्र विधि \u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैन धर्म की दैनिक साधना और आत्म-शुद्धि के सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान को समर्पित एक परम आवश्यक ग्रंथ! \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e\"श्री दो प्रतिक्रमण सूत्र\"\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e श्रावक और श्राविकाओं के लिए दिनभर में जाने-अनजाने में हुए पापों, भूलों और कर्मों की आलोचना कर आत्मा को निर्मल बनाने का एक दिव्य माध्यम है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह विशेष संस्करण न केवल मूल सूत्रों को समाहित करता है, बल्कि उनके गहरे अर्थों को समझने के लिए \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eहिंदी भावार्थ और उपयोगी विवरणों\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e के साथ तैयार किया गया है, ताकि हर आराधक सहजता से क्रिया के भावों से जुड़ सके।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक की मुख्य विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eदो प्रतिक्रमण सूत्रों विधि का संकलन:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e दैनिक जीवन में आवश्यक दो मुख्य प्रतिक्रमण सूत्रों का प्रामाणिक और शुद्ध पाठ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eहिंदी भावार्थ सहित:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e सूत्रों का केवल रटन नहीं, बल्कि उनका वास्तविक अर्थ समझने के लिए सरल हिंदी अनुवाद (भावार्थ) दिया गया है, जो एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eउपयोगी विवरण और विधि:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e प्रतिक्रमण की सही विधि, आसन, मुद्राएँ और अनुष्ठान से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों का विस्तार से मार्गदर्शन।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eपरम्परागत मुखपृष्ठ (Cover Design):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e जैसा कि आप फोटो \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eमें देख सकते हैं, पुस्तक के आवरण पर सादगी और वैराग्य से परिपूर्ण एक जैन मुनि भगवंत की सुंदर कलाकृति अंकित है, जो आराधना की गहराई को दर्शाती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eप्रामाणिक प्रकाशन:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e यह ग्रंथ \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eश्री जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर, अहमदाबाद\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e द्वारा प्रकाशित है, जो अपनी प्रामाणिकता और शुद्धता के लिए जाना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह ग्रंथ किसके लिए अनिवार्य है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eदैनिक आराधक:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e जो प्रतिदिन सुबह (राई) और शाम (देवसी) प्रतिक्रमण की क्रिया करते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eपर्युषण पर्व आराधना:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e पर्यूषण महापर्व के दिनों में वार्षिक (सांवत्सरिक) प्रतिक्रमण और आत्म-निरीक्षण के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eज्ञानशाला और युवा वर्ग:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e जो युवा या बच्चे सूत्रों का अर्थ समझकर जैन क्रियाओं को वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से सीखना चाहते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eधार्मिक प्रभावना (Gift):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e तपस्वियों के पारणे, साधर्मिक भक्ति, या चातुर्मास के दौरान ज्ञानदान और प्रभावना स्वरूप भेंट करने के लिए एक सर्वोत्तम और ज्ञानवर्धक उपहार।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902207508633,"sku":null,"price":110.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Hindi","offer_id":47902207541401,"sku":null,"price":90.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/758FB745-42F7-4363-80B6-307F6CBF6DA8.png?v=1781248940"},{"product_id":"devvandan-mala-gujarati-hindi","title":"Devvandan mala (gujarati \u0026 hindi)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eदेववंदनमाला (Devvandanmala) - जैन तीर्थ एवं देव-वंदन आराधना ग्रंथ\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपरमात्मा की भक्ति और जिन-आज्ञा के अनुसार आत्म-कल्याण की साधना को समर्पित एक अत्यंत पावन ग्रंथ! \"देववंदनमाला\" जैन श्रावक-श्राविकाओं के लिए जिनेन्द्र देव की स्तुति, चैत्यवंदन और तीर्थ-वंदना को भावपूर्ण तरीके से संपन्न करने का एक अमूल्य संग्रह है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस पवित्र ग्रंथ में विभिन्न तीर्थों की महिमा, देव-वंदन के सुंदर पाठ और आराधना की प्राचीन विधियों को संकलित किया गया है, जो परमात्मा के प्रति आपके समर्पण और भक्ति भाव को एक नई ऊँचाई प्रदान करेगा।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक की मुख्य विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• संपूर्ण देववंदन संग्रह: जिन-मंदिर में की जाने वाली विभिन्न देव-वंदन क्रियाओं, स्तुतियों और महत्वपूर्ण पाठों का प्रामाणिक संकलन।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• शुद्ध एवं स्पष्ट वाचन: पुस्तक में दिए गए पाठों के अक्षरों (फॉन्ट) को बेहद स्पष्ट और पठनीय रखा गया है, जिससे नित्य स्वाध्याय और जाप के समय वाचन करने में पूरी सुगमता रहती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• भक्तिमय मुखपृष्ठ (Cover Design): जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक के मुख्य आवरण (कवर) पर एक पूज्य गुरु भगवंत को पाट पर विराजमान होकर श्रावकों और मुमुक्षुओं को मांगलिक, देशना या ज्ञान का दान देते हुए एक अत्यंत दिव्य चित्र में दर्शाया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रामाणिक प्रकाशन: यह पावन ग्रंथ श्री जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर, अहमदाबाद द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता और प्रामाणिकता के लिए अत्यंत विश्वसनीय है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रीमियम हार्डबाउंड क्वालिटी: नित्य आराधना और मंदिर में दैनिक उपयोग के अनुकूल मजबूत बाइंडिंग और उच्च गुणवत्ता वाले पन्नों के साथ निर्मित।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• दैनिक देव-दर्शन करने वाले आराधकों के लिए: जो प्रतिदिन जैन जिनालयों में जाकर भावपूर्वक देव-वंदन और चैत्यवंदन की क्रिया करते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• तीर्थ यात्रा के समय: पावन जैन महातीर्थों की यात्रा के दौरान जिनेन्द्र भक्ति और तीर्थ-वंदना के पाठ करने के लिए एक उत्तम साथी।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• धार्मिक प्रभावना (Gift): पर्यूषण महापर्व, ओली तप, उपधान तप के पारणे या संघ पूजा जैसे मांगलिक प्रसंगों पर साधर्मिक भाइयों-बहनों को ज्ञानदान और प्रभावना स्वरूप भेंट करने के लिए सर्वोत्तम उपहार।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902208163993,"sku":null,"price":140.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Hindi","offer_id":47902208196761,"sku":null,"price":140.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/32CEEDB9-AB61-4C33-9739-DBFDE5775068.png?v=1781249240"},{"product_id":"punya-prakash-stavan-gujarati","title":"punya prakash stavan (gujarati)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eश्री पुण्यप्रकाश स्तवन संग्रह - पावन जैन आराधना एवं भावयात्रा ग्रंथ\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eआत्मा में पुण्य के प्रकाश को जाग्रत करने और परमात्मा की भक्ति में लीन होने के लिए एक अत्यंत अद्भुत और पावन ग्रंथ! \"श्री पुण्यप्रकाश स्तवन संग्रह\" जैन श्रावक-श्राविकाओं के लिए विभिन्न मंगलकारी स्तोत्रों, श्लोकों और भावयात्राओं का एक अनुपम और अमूल्य संकलन है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस पुस्तक में दी गई पवित्र रचनाएँ न केवल मानसिक शांति प्रदान करती हैं, बल्कि दैनिक स्वाध्याय और आराधना के समय आत्मा को उच्च भावों से भर देती हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक में समाहित मुख्य आराधनाएँ (Key Contents):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• श्री पुण्यप्रकाश स्तवन: जीवन में पुण्य कर्मों का उदय करने वाली और अंतरात्मा को पवित्र करने वाली पावन ढालों का संग्रह।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• श्री पद्मावती आराधना: शासन देवी माता पद्मावती की भक्ति, स्तुति और कृपा प्राप्ति के लिए विशेष पाठ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• श्री सिद्धाचलजी नो श्लोक: शाश्वत महातीर्थ श्री सिद्धाचल जी (पालिताणा) की महिमा और वंदना को समर्पित दिव्य श्लोक।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• श्री नेमनाथनो श्लोक: २२वें तीर्थंकर भगवान श्री नेमनाथ जी और पावन गिरनार तीर्थ की भक्ति से परिपूर्ण श्लोक।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• श्री गौतमस्वामीनो रास: अनंत लब्धिधारी, प्रथम गणधर पूज्य श्री गौतम स्वामी जी की महिमा और उनके चमत्कारी रास का सुंदर संकलन।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• श्री सिद्धाचलजी भावयात्रा: घर बैठे ही गिरिराज शत्रुंजय की अनुपम भावयात्रा करने और अनुपम पुण्य अर्जित करने का दिव्य माध्यम।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रमुख विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• विविध पाठों का अनूठा 'संग्रह': एक ही पुस्तक में जैन धर्म के कई महत्वपूर्ण स्तवन, रास और श्लोक मिल जाते हैं, जिससे यह नित्य स्वाध्याय के लिए बेहद सुविधाजनक है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• आकर्षक और स्पष्ट मुखपृष्ठ: जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक का आवरण पीले, हरे और नीले रंगों के सुंदर संयोजन के साथ अत्यंत सुस्पष्ट और मनमोहक बनाया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रामाणिक प्रकाशन: यह दिव्य ग्रंथ श्री जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता और प्रामाणिकता के लिए जाना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• उच्च गुणवत्ता निर्माण: मजबूत बाइंडिंग और पढ़ने में आसान, साफ अक्षरों (फॉन्ट) के साथ तैयार, ताकि हर उम्र के आराधक सहजता से पाठ कर सकें।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रतिदिन सुबह-शाम घर के मंदिर या उपाश्रय में बैठकर स्तवन और आराधना करने वाले भाविकों के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• ओली तप, उपधान तप, मासक्षमण जैसे कठिन तपों के पारणे और मांगलिक प्रसंगों पर प्रभावना (Gifting) के रूप में वितरण करने के लिए सर्वोत्तम।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• अपनी युवा पीढ़ी को जैन धर्म के प्राचीन रास और स्तवनों के संस्कारों से जोड़ने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":47902208458905,"sku":null,"price":50.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/97FEC962-7A20-4D3E-ADB2-F845BB8C6646.png?v=1781249567"},{"product_id":"sajjay-suvas-gujarati","title":"Sajjay suvas (gujarati)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eसज्झाय सुवास (Sajjhay Suvas) - पावन जैन स्वाध्याय एवं भक्ति रस ग्रंथ\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eअंतरात्मा को परमात्मा की भक्ति के दिव्य सुवास (सुगंध) से सराबोर करने के लिए एक अत्यंत अनुपम पुस्तक! \"सज्झाय सुवास\" जैन श्रावक-श्राविकाओं के लिए विभिन्न मांगलिक सज्झायों (स्वाध्याय पाठों), स्तवनों और ज्ञानवर्धक रचनाओं का एक अनूठा संकलन है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैन धर्म में 'सज्झाय' को ज्ञान ध्यान और कर्मों की निर्जरा का एक बेहद शक्तिशाली माध्यम माना गया है। यह ग्रंथ आपके दैनिक सामायिक, स्वाध्याय और प्रभु भक्ति के समय को और अधिक भावपूर्ण और आनंदमय बना देगा।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रमुख विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• मधुर सज्झायों का संग्रह: प्राचीन और प्रामाणिक जैन महापुरुषों द्वारा रचित ऐसी सज्झायें जो जीवन में वैराग्य, सम्यक् ज्ञान और सदाचार की प्रेरणा देती हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• आकर्षक एवं पुष्पमय मुखपृष्ठ (Cover Design): जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक का आवरण (कवर) इसके नाम 'सुवास' की तरह ही सुंदर गुलाबी फूलों, दिलों की आकृतियों और एक पावन स्क्रॉल डिज़ाइन के साथ अत्यंत मनमोहक बनाया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रामाणिक प्रकाशन: यह पावन ग्रंथ जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर, अहमदाबाद (Shri Jain Darshan) द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की प्रामाणिकता और शुद्धता के लिए विशेष रूप से विश्वसनीय है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• स्पष्ट और पठनीय फॉन्ट: पुस्तक के भीतर दिए गए पाठों के अक्षरों को बेहद साफ और सुस्पष्ट रखा गया है, जिससे नित्य आराधना या सामायिक के समय पढ़ने में कोई असुविधा नहीं होती।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रीमियम क्वालिटी बाइंडिंग: दैनिक स्वाध्याय, मंदिर या उपाश्रय में नियमित उपयोग के अनुकूल मजबूत हार्डबाउंड फिनिशिंग।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक कहाँ-कहाँ उपयोगी है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• दैनिक सामायिक और आराधना: सामायिक के ४८ मिनटों के दौरान ज्ञानार्जन और प्रभु स्मरण का आनंद लेने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• धार्मिक पाठशाला एवं युवा: ज्ञानशाला के बच्चों और युवाओं में जैन धर्म के सिद्धांतों को भजनों और सज्झाय के माध्यम से सरल रूप में सिखाने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• मांगलिक प्रभावना (Gifting): पर्यूषण महापर्व, ओली तप के पारणे, संघ पूजा, या किसी भी जैन धार्मिक महोत्सव के शुभ अवसर पर साधर्मिक भाइयों-बहनों को प्रभावना (उपहार) स्वरूप भेंट करने के लिए एक सर्वोत्तम और ज्ञानवर्धक विकल्प।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":47902209278105,"sku":null,"price":120.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/C3B29BDA-B8A5-4D32-BE64-F085631DD3CB.png?v=1781249805"},{"product_id":"vividh-pooja-sangrah-gujarati-hindi","title":"Vividh pooja sangrah (gujarati \u0026 hindi)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eविविध पूजासंग्रह (Vividh Puja Sangrah) - पांदन जैन पूजा एवं अनुष्ठान ग्रंथ\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपरमात्मा की अष्टप्रकारी पूजा और भक्ति के अनूठे आनंद में लीन होने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पावन ग्रंथ! \"विविध पूजासंग्रह\" जैन श्रावक-श्राविकाओं के लिए विभिन्न मांगलिक पूजाओं, ढालों और प्रभु भक्ति के पाठों का एक प्रामाणिक और संपूर्ण संकलन है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैन धर्म में प्रभु पूजा को आत्मा के विकारों को दूर करने और महान पुण्य अर्जित करने का सर्वोत्तम माध्यम माना गया है। यह पुस्तक मंदिर जी में नित्य और विशेष अवसरों पर की जाने वाली पूजाओं को सही विधि और शुद्ध भावों के साथ संपन्न करने में आपकी मदद करेगी।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रमुख विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• विभिन्न पूजाओं का अनूठा संग्रह: नित्य देव-पूजा से लेकर विशेष प्रसंगों पर की जाने वाली विविध जैन पूजाओं और प्राचीन ढालों का एक ही स्थान पर संकलन।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• भक्तिमय एवं भव्य मुखपृष्ठ (Cover Design): जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक के मुख्य आवरण पर देवों और इन्द्रों द्वारा तीर्थंकर परमात्मा के पावन जन्माभिषेक (मेरु पर्वत पर होने वाले महा-अभिषेक) के दिव्य और मनमोहक प्रसंग को सुंदर रंगों में चित्रित किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रामाणिक प्रकाशन: यह पावन ग्रंथ जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर, अहमदाबाद द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता, प्रामाणिकता और उच्च कोटि के संपादन के लिए जाना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• स्पष्ट और पठनीय फॉन्ट: पुस्तक के भीतर के अक्षरों को काफी साफ और बड़े आकार में रखा गया है, जिससे मंदिर जी में पूजा-पाठ या स्वाध्याय के समय वाचन करने में पूरी सुगमता रहती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रीमियम हार्डबाउंड क्वालिटी: नित्य आराधना और दैनिक उपयोग को ध्यान में रखते हुए मजबूत बाइंडिंग और बेहतरीन क्वालिटी के पन्नों के साथ तैयार।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक कहाँ-कहाँ उपयोगी है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• दैनिक देव-पूजा: जिन-मंदिर में जाकर भावपूर्वक द्रव्य पूजा, भाव पूजा और अष्टप्रकारी पूजा के पाठ करने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• मांगलिक उत्सव एवं अठ्ठाई महोत्सव: चातुर्मास, पर्यूषण महापर्व, ओली तप या किसी भी जैन धार्मिक महोत्सव के दौरान सामूहिक या व्यक्तिगत पूजा अनुष्ठान संपन्न करने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• धार्मिक प्रभावना (Gifting): संघ पूजा, तपस्वियों के पारणे, या किसी भी मांगलिक प्रसंग पर साधर्मिक भाइयों-बहनों को प्रभावना (ज्ञानदान उपहार) के रूप में भेंट करने के लिए एक सर्वोत्तम और आदरणीय विकल्प।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"gujarati","offer_id":47902210785433,"sku":null,"price":80.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"hindi","offer_id":47902210818201,"sku":null,"price":80.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/C802086A-F4EC-4EE1-B254-811E6F75B486.png?v=1781250228"},{"product_id":"sudharas-stavan-sangrah","title":"Sudharas stavan sangrah","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eश्री सुधारस स्तवन संग्रह - चैत्यवंदन चौबीसी तथा नूतन भावना गीतों सहित\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपरमात्मा की भक्ति के अमृत रस (सुधारस) में सराबोर होने और आत्मिक आनंद की अनुभूति के लिए एक अत्यंत अनूठा ग्रंथ! \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e\"श्री सुधारस स्तवन संग्रह\"\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e जैन श्रावक-श्राविकाओं के लिए मधुर स्तवनों, भक्ति गीतों और चैत्यवंदन का एक श्रेष्ठ और संपूर्ण संकलन है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक प्रभु भक्ति के समय, संगीत संध्याओं में, या दैनिक परमात्मा स्मरण के दौरान उपयोग करने के लिए सर्वोत्तम है। इसके भक्तिमय गीत आत्मा को परमात्मा के चरणों से जोड़ देते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक में समाहित मुख्य आराधनाएँ (Key Contents):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eश्री सुधारस स्तवन:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e प्रभु परमात्मा की वीतरागता और महिमा का गान करने वाले मधुर स्तवनों का दिव्य संग्रह।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eचैत्यवंदन चौबीसी:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e २४ तीर्थंकर परमात्मा की स्तुति और जिन-मंदिर में किए जाने वाले भावपूर्ण चैत्यवंदन पाठ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eनूतन भावना गीतों सहित:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e आधुनिक और पारंपरिक धुन पर गाए जा सकने वाले नए (नूतन) भक्ति भावना गीतों का विशेष समावेश, जो संगीत और भक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत करते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रमुख विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eसंगीत और भक्ति का सुंदर प्रतीक मुखपृष्ठ:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e जैसा कि आप फोटो \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eमें देख सकते हैं, पुस्तक के मुख्य आवरण पर वीणा (सितार), तबला, डमरू और संगीत की लहरियों (Musical Notes) की एक अत्यंत कलात्मक और मनमोहक छवि अंकित है, जो भक्ति संगीत की गहराई को दर्शाती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eप्रामाणिक प्रकाशन:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e यह पावन ग्रंथ \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eश्री जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता और प्रामाणिकता के लिए जाना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eस्पष्ट और पठनीय अक्षरों का उपयोग:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e भजनों और पाठों को आसानी से गाने और पढ़ने के लिए साफ और बड़े फॉन्ट का उपयोग किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eउच्च गुणवत्ता निर्माण:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e मजबूत बाइंडिंग और प्रीमियम क्वालिटी के पन्नों के साथ तैयार, जो दैनिक स्वाध्याय और संगीत आराधना के लिए एकदम अनुकूल है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eदैनिक भक्ति आराधना:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e घर के मंदिर, उपाश्रय या सामूहिक सामायिक-प्रतिक्रमण के बाद प्रभु के मधुर स्तवन गाने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eभक्ति संगीत और भावना मंडल:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e जैन संगीत संध्याओं, प्रभु भक्ति कार्यक्रमों और तीर्थ यात्रा के दौरान मंडल में गाने के लिए एक आदर्श मार्गदर्शिका।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eधार्मिक प्रभावना (Gifting):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e पर्यूषण महापर्व, ओली तप के पारणे, संघ स्वामीवत्सल, या किसी भी मांगलिक प्रसंग पर साधर्मिक भाइयों-बहनों को \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eप्रभावना (ज्ञानदान उपहार)\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e स्वरूप भेंट करने के लिए एक सर्वोत्तम विकल्प।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902211768473,"sku":null,"price":90.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Hindi","offer_id":47902211801241,"sku":null,"price":90.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/353513CD-26EA-48FB-A678-E59EC593C608.png?v=1781250530"},{"product_id":"panch-pratikraman-vidhi-gujarati-hindi","title":"panch pratikraman vidhi (gujarati \u0026 hindi)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपंच प्रतिक्रमण सूत्र (विधि सहित) - संपूर्ण जैन क्रिया एवं आत्म-शुद्धि ग्रंथ\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैन धर्म की दैनिक और वार्षिक साधना के सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान को समर्पित एक परम आवश्यक ग्रंथ! \"पंच प्रतिक्रमण सूत्र (विधि सहित)\" श्रावक और श्राविकाओं के लिए दिनभर में, रात्रि में या पूरे वर्ष में जाने-अनजाने में हुए पापों, भूलों और कर्मों की आलोचना कर आत्मा को निर्मल बनाने का एक संपूर्ण माध्यम है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस ग्रंथ में जैन आराधना के पांच मुख्य प्रतिक्रमणों को उनकी संपूर्ण और प्रामाणिक विधि के साथ संकलित किया गया है, ताकि हर आराधक सही मुद्राओं और शुद्ध क्रियाओं के साथ अपनी साधना संपन्न कर सके।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक की मुख्य विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• पांच मुख्य प्रतिक्रमण सूत्रों का संग्रह: जैन परंपरा के अनुसार आवश्यक पांचों प्रतिक्रमणों (देवसी, राई, पाक्षिक, चौमासी और सांवत्सरिक) का प्रामाणिक पाठ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• विधि सहित मार्गदर्शन: प्रतिक्रमण की शुरुआत से लेकर अंत तक की पूरी विधि, कायोत्सर्ग, वंदन और आवश्यक नियमों का सरल मार्गदर्शन।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• क्रियाओं को दर्शाती सुंदर चित्रमयी कलाकृति: जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक के मुख्य आवरण (कवर) पर सामायिक और प्रतिक्रमण की अलग-अलग मुद्राओं (जैसे आसन, वंदन, कायोत्सर्ग और चरवला प्रतिलेखन) को चित्रों के माध्यम से बेहद सुंदर और स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है। केंद्र में एक पूज्य साधु भगवंत की पावन छवि और जिनालय अंकित है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रामाणिक प्रकाशन: यह पावन ग्रंथ जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर, अहमदाबाद द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता, प्रामाणिकता और उच्च कोटि के संपादन के लिए जाना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रीमियम क्वालिटी और स्पष्ट फॉन्ट: दैनिक स्वाध्याय, उपाश्रय और मंदिर जी में नियमित उपयोग को ध्यान में रखते हुए मजबूत बाइंडिंग और पढ़ने में आसान, साफ अक्षरों के साथ तैयार।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह ग्रंथ किसके लिए अनिवार्य है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• दैनिक एवं पाक्षिक आराधक: जो नियमित रूप से देवसी-राई प्रतिक्रमण या पाक्षिक-चौमासी क्रियाएं करते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• पर्युषण महापर्व आराधना: पर्यूषण के दिनों में किए जाने वाले सांवत्सरिक प्रतिक्रमण और आत्म-निरीक्षण के लिए हर घर में रखने योग्य ग्रंथ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• ज्ञानशाला और युवा वर्ग: जैन सूत्रों को सही विधि और उचित मुद्राओं के साथ सीखने के इच्छुक आराधकों के लिए एक आदर्श मार्गदर्शिका।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• धार्मिक प्रभावना (Gifting): तपस्वियों के पारणे, साधर्मिक भक्ति, संघ पूजा या चातुर्मास के दौरान ज्ञानदान और प्रभावना स्वरूप भेंट करने के लिए एक सर्वोत्तम और आदरणीय उपहार।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"gujarati","offer_id":47902212096153,"sku":null,"price":210.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"hindi","offer_id":47902212128921,"sku":null,"price":150.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/6C860BDC-997A-475B-9721-2A9537B3D3F5.png?v=1781250791"},{"product_id":"panch-pratikraman-sutra-gujarati-hindi","title":"Panch pratikraman sutra (gujarati,hindi \u0026 english )","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपंच प्रतिक्रमण सूत्र - संपूर्ण जैन क्रिया एवं आत्म-शुद्धि ग्रंथ\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैन धर्म की दैनिक और वार्षिक साधना के सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान को समर्पित एक परम आवश्यक ग्रंथ! \"पंच प्रतिक्रमण सूत्र \" श्रावक और श्राविकाओं के लिए दिनभर में, रात्रि में या पूरे वर्ष में जाने-अनजाने में हुए पापों, भूलों और कर्मों की आलोचना कर आत्मा को निर्मल बनाने का एक संपूर्ण माध्यम है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस ग्रंथ में जैन आराधना के पांच मुख्य प्रतिक्रमणों को उनकी संपूर्ण और प्रामाणिक विधि के साथ संकलित किया गया है, ताकि हर आराधक सही मुद्राओं और शुद्ध क्रियाओं के साथ अपनी साधना संपन्न कर सके।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक की मुख्य विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• पांच मुख्य प्रतिक्रमण सूत्रों का संग्रह: जैन परंपरा के अनुसार आवश्यक पांचों प्रतिक्रमणों (देवसी, राई, पाक्षिक, चौमासी और सांवत्सरिक) का प्रामाणिक पाठ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• विधि सहित मार्गदर्शन: प्रतिक्रमण की शुरुआत से लेकर अंत तक की पूरी विधि, कायोत्सर्ग, वंदन और आवश्यक नियमों का सरल मार्गदर्शन।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• क्रियाओं को दर्शाती सुंदर चित्रमयी कलाकृति: जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक के मुख्य आवरण (कवर) पर सामायिक और प्रतिक्रमण की अलग-अलग मुद्राओं (जैसे आसन, वंदन, कायोत्सर्ग और चरवला प्रतिलेखन) को चित्रों के माध्यम से बेहद सुंदर और स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है। केंद्र में एक पूज्य साधु भगवंत की पावन छवि और जिनालय अंकित है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रामाणिक प्रकाशन: यह पावन ग्रंथ जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर, अहमदाबाद द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता, प्रामाणिकता और उच्च कोटि के संपादन के लिए जाना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रीमियम क्वालिटी और स्पष्ट फॉन्ट: दैनिक स्वाध्याय, उपाश्रय और मंदिर जी में नियमित उपयोग को ध्यान में रखते हुए मजबूत बाइंडिंग और पढ़ने में आसान, साफ अक्षरों के साथ तैयार।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह ग्रंथ किसके लिए अनिवार्य है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• दैनिक एवं पाक्षिक आराधक: जो नियमित रूप से देवसी-राई प्रतिक्रमण या पाक्षिक-चौमासी क्रियाएं करते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• पर्युषण महापर्व आराधना: पर्यूषण के दिनों में किए जाने वाले सांवत्सरिक प्रतिक्रमण और आत्म-निरीक्षण के लिए हर घर में रखने योग्य ग्रंथ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• ज्ञानशाला और युवा वर्ग: जैन सूत्रों को सही विधि और उचित मुद्राओं के साथ सीखने के इच्छुक आराधकों के लिए एक आदर्श मार्गदर्शिका।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• धार्मिक प्रभावना (Gifting): तपस्वियों के पारणे, साधर्मिक भक्ति, संघ पूजा या चातुर्मास के दौरान ज्ञानदान और प्रभावना स्वरूप भेंट करने के लिए एक सर्वोत्तम और आदरणीय उपहार।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902212423833,"sku":null,"price":100.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Hindi","offer_id":47902212456601,"sku":null,"price":100.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"English","offer_id":47902320885913,"sku":null,"price":140.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/7EA58E3C-6D44-4B89-BF51-5F495A11B50D.png?v=1781251001"},{"product_id":"bhaktamber-stotra-gujarati-hindi","title":"Bhaktamber stotra (gujarati \u0026 hindi)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eश्री भक्तामर स्तोत्र, श्री रत्नाकर पच्चीसी, श्री अरिहंत वंदनावली (महाप्रभावशाली जैन स्तोत्र संग्रह)\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजीवन के कष्टों को दूर करने, मन को असीम शांति देने और परमात्मा के प्रति अटूट श्रद्धा जाग्रत करने वाले तीन परम चमत्कारी एवं पूजनीय स्तोत्रों का महा-संग्रह! यह ग्रंथ हर जैन श्रावक-श्राविकाओं के दैनिक स्वाध्याय और अलौकिक आध्यात्मिक उन्नति के लिए एक अमूल्य धरोहर है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस एक ही पावन पुस्तक में जैन शासन के सबसे प्रभावशाली स्तोत्र और वंदनावलियों को बेहद शुद्धता के साथ संकलित किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक में समाहित ३ मुख्य महा-आराधनाएँ (Key Contents):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• श्री भक्तामर स्तोत्र (Shri Bhaktamar Stotra): आचार्य श्री मानतुंग सूरीश्वरजी महाराज द्वारा रचित आदिनाथ भगवान का यह विश्वप्रसिद्ध और महाप्रभावशाली स्तोत्र, जो संकटों, भयों और बाधाओं का नाश करने के लिए जाना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• श्री रत्नाकर पच्चीसी (Shri Ratnakar Pachchisi): वैराग्य और करुणा रस से भरपूर २५ गाथाओं का वह पावन संग्रह, जो आत्मा को झकझोर कर प्रभु चरणों में समर्पित होने की प्रेरणा देता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• श्री अरिहंत वंदनावली (Shri Arihant Vandanavali): देवों के देव, वीतराग अरिहंत परमात्मा की महिमा का गुणगान करने वाले भक्तिमय पाठों का सुंदर संकलन।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रमुख विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• अलौकिक एवं ब्रह्मांडीय मुखपृष्ठ (Cover Design): जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक का आवरण (कवर) तारों भरे नीले और जादुई ब्रह्मांड (Galaxy Effect) के सुंदर रंगों से सुसज्जित है। बाईं ओर लोहे की ४८ जंजीरों में बंधे आचार्य मानतुंग देव की चमत्कारी घटना और आदिनाथ भगवान की दिव्य किरणों को दर्शाती एक अत्यंत सुंदर और प्रेरणादायक छवि अंकित है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रामाणिक प्रकाशन: यह पावन ग्रंथ जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर, अहमदाबाद (Shri Jain Darshan) द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता, सटीकता और उच्च कोटि के संपादन के लिए अत्यंत विश्वसनीय माना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• स्पष्ट और सुंदर अक्षर: दैनिक जाप, ध्यान और अनुष्ठान के समय आसानी से पाठ करने के लिए पुस्तक के भीतर के अक्षरों को बेहद स्पष्ट और पठनीय रखा गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रीमियम लैंडस्केप डिज़ाइन: पुस्तक की क्षैतिज (Landscape) बनावट और मजबूत हार्डबाउंड बाइंडिंग इसे दैनिक उपयोग और पूजा की चौकी पर रखकर पढ़ने के लिए अत्यंत सुगम बनाती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक कहाँ-कहाँ उपयोगी है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• दैनिक सुबह की साधना: नित्य प्रति उठकर भक्तामर स्तोत्र के जाप द्वारा अपने दिन को सकारात्मक और ऊर्जावान बनाने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• संकट निवारण एवं शांति: घर में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक शांति की प्राप्ति के लिए अनुष्ठान के रूप में।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• धार्मिक प्रभावना (Gifting): भक्तामर पाठ, ओली तप, उपधान तप, चातुर्मास या किसी भी मांगलिक प्रसंग पर साधर्मिक भाइयों-बहनों को प्रभावना (ज्ञानदान उपहार) स्वरूप भेंट करने के लिए सबसे पवित्र और आदरणीय विकल्प।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902312628377,"sku":null,"price":25.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Hindi","offer_id":47902312661145,"sku":null,"price":25.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/457F95C6-0DA6-45A5-92B1-44E7D2ECD733.png?v=1781255712"},{"product_id":"pocket-devvandan-gujarati-hindi","title":"pocket devvandan (gujarati \u0026 hindi)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eदेववंदन (Devvandan) - जैन तीर्थ एवं देव-वंदन आराधना ग्रंथ\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपरमात्मा की भक्ति और जिन-आज्ञा के अनुसार आत्म-कल्याण की साधना को समर्पित एक अत्यंत पावन ग्रंथ! \"देववंदन\" जैन श्रावक-श्राविकाओं के लिए जिनेन्द्र देव की स्तुति, चैत्यवंदन और तीर्थ-वंदना को भावपूर्ण तरीके से संपन्न करने का एक अमूल्य संग्रह है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस पवित्र ग्रंथ में विभिन्न तीर्थों की महिमा, देव-वंदन के सुंदर पाठ और आराधना की प्राचीन विधियों को संकलित किया गया है, जो परमात्मा के प्रति आपके समर्पण और भक्ति भाव को एक नई ऊँचाई प्रदान करेगा।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक की मुख्य विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• संपूर्ण देववंदन संग्रह: जिन-मंदिर में की जाने वाली विभिन्न देव-वंदन क्रियाओं, स्तुतियों और महत्वपूर्ण पाठों का प्रामाणिक संकलन।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• शुद्ध एवं स्पष्ट वाचन: पुस्तक में दिए गए पाठों के अक्षरों (फॉन्ट) को बेहद स्पष्ट और पठनीय रखा गया है, जिससे नित्य स्वाध्याय और जाप के समय वाचन करने में पूरी सुगमता रहती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• भक्तिमय मुखपृष्ठ (Cover Design): जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक के मुख्य आवरण (कवर) पर एक पूज्य गुरु भगवंत को पाट पर विराजमान होकर श्रावकों और मुमुक्षुओं को मांगलिक, देशना या ज्ञान का दान देते हुए एक अत्यंत दिव्य चित्र में दर्शाया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रामाणिक प्रकाशन: यह पावन ग्रंथ श्री जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर, अहमदाबाद द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता और प्रामाणिकता के लिए अत्यंत विश्वसनीय है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रीमियम हार्डबाउंड क्वालिटी: नित्य आराधना और मंदिर में दैनिक उपयोग के अनुकूल मजबूत बाइंडिंग और उच्च गुणवत्ता वाले पन्नों के साथ निर्मित।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• दैनिक देव-दर्शन करने वाले आराधकों के लिए: जो प्रतिदिन जैन जिनालयों में जाकर भावपूर्वक देव-वंदन और चैत्यवंदन की क्रिया करते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• तीर्थ यात्रा के समय: पावन जैन महातीर्थों की यात्रा के दौरान जिनेन्द्र भक्ति और तीर्थ-वंदना के पाठ करने के लिए एक उत्तम साथी।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• धार्मिक प्रभावना (Gift): पर्यूषण महापर्व, ओली तप, उपधान तप के पारणे या संघ पूजा जैसे मांगलिक प्रसंगों पर साधर्मिक भाइयों-बहनों को ज्ञानदान और प्रभावना स्वरूप भेंट करने के लिए सर्वोत्तम उपहार।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902313578649,"sku":null,"price":25.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Hindi","offer_id":47902313611417,"sku":null,"price":25.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/CF572800-BAEA-41DC-81E8-9A865C4BCF1E.png?v=1781255978"},{"product_id":"chovis-jeen-vandana-gujarati-hindi","title":"Chovis jeen vandana (gujarati \u0026 hindi)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eचोवीश जिन वंदना (चैत्यवंदननी विधि साथे) - पावन जैन चैत्यवंदन एवं स्तुति ग्रंथ\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपरमात्मा के चरणों में भावपूर्ण वंदना करने और जिन-भक्ति के अमृत रस में लीन होने के लिए एक अत्यंत अनूठा और पावन ग्रंथ! \"चोवीश जिन वंदना\" जैन श्रावक-श्राविकाओं के लिए जैन धर्म के सभी २४ तीर्थंकरों (चौबीसी) की स्तुति, भक्ति और देव-वंदन का एक संपूर्ण मार्गदर्शक ग्रंथ है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक जिन-मंदिर में की जाने वाली चैत्यवंदन की प्राचीन और प्रामाणिक विधि को सरल रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे हर आराधक परमात्मा की भक्ति सही रीति और शुद्ध भावों के साथ संपन्न कर सके।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक की मुख्य विशेषताएँ और विषय (Key Features \u0026amp; Contents):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• संपूर्ण २४ जिन वंदना: जैन शासन के सभी २४ तीर्थंकर परमात्माओं की आराधना, स्तुति और वंदना का एक ही स्थान पर सुंदर संकलन।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• चैत्यवंदननी विधि साथे (With Chaityavandan Method): मंदिर जी में दर्शन के समय किए जाने वाले चैत्यवंदन की संपूर्ण और प्रामाणिक विधि का समावेश, जो आपकी दर्शन क्रिया को अधिक फलदायी बनाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• भव्य एवं जिनालय मुखपृष्ठ (Cover Design): जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक के मुख्य आवरण पर एक नक्काशीदार भव्य जैन जिनालय (मंदिर) के गर्भगृह और स्तंभों की सुंदर तस्वीर अंकित है, जो देखते ही मन में भक्ति का भाव जगाती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रामाणिक प्रकाशन: यह पावन ग्रंथ जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता, सटीकता और उच्च कोटि के संपादन के लिए जाना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• स्पष्ट और सुपाठ्य अक्षर: स्वाध्याय और दर्शन के समय सहजता से पढ़ने के लिए पुस्तक के भीतर के फॉन्ट (अक्षरों) को बेहद साफ और स्पष्ट रखा गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक कहाँ-कहाँ उपयोगी है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• दैनिक देव-दर्शन एवं पूजा: प्रतिदिन जिन-मंदिर में जाकर भावपूर्वक २४ तीर्थंकरों की वंदना और चैत्यवंदन करने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• धार्मिक चातुर्मास एवं ओली तप: चातुर्मास, पर्यूषण महापर्व या शाश्वत ओली जी के दिनों में विशेष देव-वंदन अनुष्ठान संपन्न करने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• मांगलिक प्रभावना (Gifting): संघ पूजा, उपधान तप के पारणे, नववाणुं यात्रा की पूर्णता या किसी भी जैन धार्मिक महोत्सव के शुभ अवसर पर साधर्मिक भाइयों-बहनों को प्रभावना (ज्ञानदान उपहार) स्वरूप भेंट करने के लिए सर्वोत्तम विकल्प।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902318821529,"sku":null,"price":40.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Hindi","offer_id":47902318854297,"sku":null,"price":40.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/8876FAC0-97DB-455C-A26F-29BC4FA3A4C1.png?v=1781256298"},{"product_id":"navsmaran-pocketgujarati-hindi","title":"Navsmaran pocket(gujarati \u0026 hindi)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eमहा मंगलकारी नवस्मरण (Maha Mangalkari Navsmaran) - अलौकिक जैन स्तोत्र एवं महामंत्र संग्रह\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजीवन के सभी विघ्न-बाधाओं को दूर करने, सुख-समृद्धि लाने और आत्मिक शांति प्रदान करने वाले जैन शासन के ९ सबसे प्रभावशाली स्तोत्रों का दिव्य संग्रह! \"महा मंगलकारी नवस्मरण\" हर जैन श्रावक-श्राविकाओं के गृह-जिनालय और दैनिक स्वाध्याय के लिए एक अत्यंत अनिवार्य और पावन ग्रंथ है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैन धर्म में इन नौ स्मरणों (स्तोत्रों) के पाठ को महा-प्रभावशाली और सभी प्रकार के कष्टों व भयों का नाश करने वाला माना गया है। यह पुस्तक नित्य जाप और आराधना के लिए सर्वोत्तम मार्गदर्शिका है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक में समाहित मुख्य महा-आराधनाएँ (Key Contents):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस ग्रंथ में जैन शासन के सर्वशिरोमणि नमस्कार महामंत्र के साथ-साथ निम्नलिखित ९ परम कल्याणकारी स्मरणों का शुद्ध संकलन किया गया है, जिन्हें मुख्य आवरण पर एक सुंदर कमल के दल (पंखुड़ियों) के रूप में भी दर्शाया गया है:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• उवसग्गहरं स्तोत्रं (विघ्नहर्ता पार्श्वनाथ भगवान की अलौकिक स्तुति)\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• संतिकरं स्तोत्रं (शांति और सुरक्षा प्रदान करने वाला स्तोत्र)\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• तिजयपहुत्त स्तोत्रं\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• नमिऊण स्तोत्रं\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• भक्तामर स्तोत्रं (आदिनाथ भगवान का विश्वप्रसिद्ध महाप्रभावशाली स्तोत्र)\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• कल्याणमंदिर स्तोत्रं\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• बृहच्छान्ति स्तवनम् (विश्व शांति और आरोग्यता के लिए पावन पाठ)\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• अजितशांति स्तवनम्\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• तिथोगालिय स्तोत्रं\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रमुख विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• मनमोहक एवं रंगीन मुखपृष्ठ (Cover Design): जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक का आवरण सौम्य पीले\/नारंगी रंग का है, जिसके केंद्र में एक बेहद सुंदर रंग-बिरंगा अष्टदल कमल (Lotus) बना हुआ है। इस कमल की प्रत्येक पंखुड़ी पर नवस्मरण के पावन नाम अंकित हैं और मध्य में \"नमस्कार महामंत्र\" सुशोभित है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रामाणिक प्रकाशन: यह पावन ग्रंथ जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर, अहमदाबाद (Shri Jain Darshan) द्वारा प्रकाशित है, जो जैन साहित्यों की शुद्धता और प्रामाणिकता के लिए संपूर्ण जैन समाज में विश्वसनीय है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• सुपाठ्य एवं स्पष्ट अक्षर: नित्य सुबह-शाम जाप और ध्यान के समय आसानी से पाठ करने के लिए पुस्तक के भीतर के फॉन्ट (अक्षरों) को एकदम साफ और बड़ा रखा गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रीमियम हार्डबाउंड क्वालिटी: दैनिक स्वाध्याय और लंबे समय तक उपयोग के लिए मजबूत बाइंडिंग और उच्च गुणवत्ता वाले पन्नों का उपयोग।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• दैनिक सुबह-शाम की आराधना: घर के मंदिर या उपाश्रय में बैठकर नवस्मरण के जाप द्वारा अपने परिवार को सकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षित रखने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• मांगलिक अवसर एवं नवकार आराधना: किसी भी नए कार्य की शुरुआत, गृह-प्रवेश या संकट के समय सुरक्षा कवच के रूप में अनुष्ठान करने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• धार्मिक प्रभावना (Gifting): पर्यूषण महापर्व, उपधान तप, ओली जी के पारणे, या संघ पूजा के शुभ प्रसंग पर साधर्मिक भाई-बहनों को प्रभावना (ज्ञानदान उपहार) स्वरूप भेंट करने के लिए सबसे पवित्र और उत्तम विकल्प।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902321770649,"sku":null,"price":25.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Hindi","offer_id":47902321803417,"sku":null,"price":25.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/68822F46-78D8-49FD-ABBD-9BC2F0CBFF3D.png?v=1781256748"},{"product_id":"samayik-sutra-book-gujarati","title":"Samayik sutra book (gujarati)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eविधि सहित गुरुवंदन, सामायिक लेवा-पारवाना सूत्र और चैत्यवंदन सूत्र - संपूर्ण जैन क्रिया मार्गदर्शिका\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैन धर्म की दैनिक साधना, समता भाव (सामायिक) और गुरु भक्ति को समर्पित एक अत्यंत अनिवार्य और पावन ग्रंथ! यह पुस्तक श्रावक और श्राविकाओं के लिए दैनिक जीवन में की जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण आराधनाओं को सही विधि और शुद्ध पाठ के साथ संपन्न करने का एक संपूर्ण माध्यम है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस एक ही ग्रंथ में सामायिक लेने-पारने की विधि, पूज्य गुरु भगवंतों को वंदन करने के नियम और जिन-मंदिर में किए जाने वाले चैत्यवंदन के सूत्रों का प्रामाणिक संकलन किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक में समाहित मुख्य आराधनाएँ (Key Contents):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• विधि सहित गुरुवंदन: पूज्य साधु-साध्वी भगवंतों को शास्त्रोक्त विधि से वंदन करने के नियम, मुद्राएँ और आवश्यक सूत्र।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• सामायिक लेवा-पारवाना सूत्र: ४८ मिनट की आत्म-साधना (सामायिक) को शुरू करने (लेने) और पूर्ण करने (पारने) की संपूर्ण विधि और आवश्यक पाठ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• चैत्यवंदन के सूत्र: जिन-मंदिर में परमात्मा के दर्शन के समय भावपूर्वक की जाने वाली चैत्यवंदन क्रिया के सभी प्रामाणिक सूत्र।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रमुख विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• क्रियाओं को दर्शाती सुंदर चित्रमयी कलाकृति: जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक के मुख्य आवरण (कवर) पर सामायिक और आराधना की अलग-अलग मुद्राओं (जैसे आसन, कायोत्सर्ग, वंदन और चरवला प्रतिलेखन) को चित्रों के माध्यम से बेहद सुंदर और स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है। केंद्र में एक पूज्य साधु भगवंत की पावन छवि और जिनालय अंकित है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रामाणिक प्रकाशन: यह पावन ग्रंथ जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर (Shri Jain Darshan) द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता, प्रामाणिकता और उच्च कोटि के संपादन के लिए संपूर्ण जैन समाज में विश्वसनीय माना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• स्पष्ट और सुपाठ्य अक्षर: दैनिक साधना, उपाश्रय या मंदिर जी में बिना किसी कठिनाई के शुद्ध वाचन करने के लिए पुस्तक के भीतर के अक्षरों (फॉन्ट) को बेहद साफ और बड़ा रखा गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रीमियम हार्डबाउंड क्वालिटी: नित्य आराधना और नियमित उपयोग को ध्यान में रखते हुए मजबूत बाइंडिंग और बेहतरीन क्वालिटी के नीले रंग के आकर्षक कवर के साथ तैयार।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक किसके लिए अनिवार्य है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• दैनिक आराधक: जो प्रतिदिन सामायिक की साधना करते हैं या नियमित रूप से गुरु भगवंतों के दर्शन-वंदन के लिए उपाश्रय जाते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• ज्ञानशाला और नए आराधक: जो बच्चे या युवा जैन धर्म के बुनियादी सूत्रों को सही विधि और उचित मुद्राओं के साथ सीखना चाहते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• धार्मिक प्रभावना (Gifting): पर्यूषण महापर्व, ओली जी के पारणे, उपधान तप, या किसी भी जैन धार्मिक महोत्सव के शुभ अवसर पर साधर्मिक भाई-बहनों को प्रभावना (ज्ञानदान उपहार) स्वरूप भेंट करने के लिए सबसे उत्तम विकल्प।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902322917529,"sku":null,"price":25.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/63F2C2F5-34AB-412F-A3C4-BE7DB8A8996F.png?v=1781257034"},{"product_id":"untitled-jun12_15-09-45","title":"Trikal devvandan vidhi sahit(gujarati)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eत्रिकाल देववंदन (विधि सहित) - संपूर्ण जैन त्रिकाल संध्या एवं प्रभु आराधना ग्रंथ\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपरमात्मा की भक्ति को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और तीनों कालों (सुबह, दोपहर और शाम) में प्रभु वंदना करने के लिए एक अत्यंत पावन और अमूल्य ग्रंथ! \"त्रिकाल देववंदन (विधि सहित)\" जैन श्रावक-श्राविकाओं के लिए जिन-भक्ति, चैत्यवंदन और आत्म-जागृति का एक श्रेष्ठ मार्गदर्शक है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैन धर्म में तीनों संध्याओं के समय परमात्मा की स्तुति और वंदन करने का विशेष महत्व माना गया है। यह पुस्तक आपको शास्त्रोक्त विधि और शुद्ध पाठ के साथ तीनों काल की देववंदन क्रिया संपन्न करने में मदद करेगी।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक की मुख्य विशेषताएँ और विषय (Key Features \u0026amp; Contents):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• संपूर्ण त्रिकाल देववंदन पाठ: प्रातःकाल (सुबह), मध्याह्न (दोपहर) और सायंकाल (शाम) के समय की जाने वाली देववंदन क्रियाओं का प्रामाणिक संकलन।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• विधि सहित मार्गदर्शन (With Step-by-Step Method): किस समय कौन सी स्तुति और चैत्यवंदन किस विधि से करना चाहिए, इसका सरल एवं स्पष्ट विवरण।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• भक्तिमय एवं सौम्य मुखपृष्ठ (Cover Design): जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक का आवरण (कवर) उज्वलित पीले और नारंगी (सूर्योदय\/आध्यात्मिक आभा) के सुंदर रंगों से सुसज्जित है। केंद्र में प्रार्थना की मुद्रा में जुड़े हुए हाथ और नीचे पावन पुष्पों (फूलों) की सुंदर छवि अंकित है, जो समर्पण के भाव को दर्शाती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रामाणिक प्रकाशन: यह पावन ग्रंथ जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर, अहमदाबाद (Shri Jain Darshan) द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता, सटीकता और प्रामाणिकता के लिए संपूर्ण जैन समाज में आदरणीय है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• स्पष्ट और सुपाठ्य अक्षर: घर के मंदिर, उपाश्रय या यात्रा के दौरान बिना किसी कठिनाई के शुद्ध वाचन करने के लिए पुस्तक के भीतर के अक्षरों को बेहद साफ और स्पष्ट रखा गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक कहाँ-कहाँ उपयोगी है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• नित्य त्रिकाल आराधना: जो श्रावक-श्राविकाएं प्रतिदिन तीनों समय नियमानुसार सामायिक, स्वाध्याय या देववंदन की क्रिया करते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• चातुर्मास, ओली जी एवं पर्यूषण पर्व: धार्मिक उत्सवों और तपस्या के दिनों में विशेष भक्ति अनुष्ठान संपन्न करने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• धार्मिक प्रभावना (Gifting): संघ पूजा, उपधान तप के पारणे, तपस्वियों के बहुमान या किसी भी जैन धार्मिक महोत्सव के शुभ अवसर पर साधर्मिक भाइयों-बहनों को प्रभावना (ज्ञानदान उपहार) स्वरूप भेंट करने के लिए सर्वोत्तम विकल्प।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902325538969,"sku":null,"price":40.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/9C1A6196-6E1B-4923-864C-791611A4C68A.png?v=1781257387"},{"product_id":"paryushan-parva-aradhna-bookgujarati","title":"Paryushan parva aradhna book(gujarati)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपर्युषण आराधना (विविध संग्रह) - महापर्व की संपूर्ण साधना एवं विधि ग्रंथ\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैन धर्म के प्राण, आत्म-शुद्धि और त्याग-तपस्या के महापर्व पर्युषण की आराधना को समर्पित एक अत्यंत अमूल्य और पावन ग्रंथ! \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e\"पर्युषण आराधना (विविध संग्रह)\"\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e श्रावक और श्राविकाओं के लिए इन आठ दिनों की पावन साधना को सही विधि, नियमों और शुद्ध भावों के साथ संपन्न करने का एक संपूर्ण माध्यम है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस विशेष ग्रंथ में पर्युषण महापर्व के दौरान किए जाने वाले आवश्यक कर्तव्यों, तपस्याओं और आराधना विधियों का एक ही स्थान पर अनूठा संकलन किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक में समाहित मुख्य आराधनाएँ (Key Contents \u0026amp; Five Duties):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपर्युषण पर्व के \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eपाँच अनिवार्य कर्तव्यों (पांच कर्तव्य)\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e और महत्वपूर्ण आराधनाओं को इस पुस्तक में विस्तार से समझाया गया है, जिन्हें मुख्य आवरण पर भी सुंदर चक्रों में दर्शाया गया है:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eअमारि प्रवर्तन (Amari Pravartan):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e जीवदया और अहिंसा का पालन करने का संदेश।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eसाधर्मिक वात्सल्य (Sadharmik Vatsalya):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e साधर्मिक भाइयों-बहनों के प्रति निश्छल प्रेम और भक्ति का भाव।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eपरस्पर क्षमापना (Paraspar Kshamapana):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e संवत्सरी के पावन दिन सभी जीवों से अंतःकरण से क्षमा माँगने और क्षमा देने की विधि।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eअट्ठम नो तप (Attham Tap):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e पर्यूषण के दौरान किए जाने वाले विशेष तीन उपवास (अट्ठम तप) की महिमा और आराधना।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eचैत्य परिपाटी (Chaitya Paripati):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e संघ के साथ विभिन्न जिनालयों (मंदिरों) के दर्शन और चैत्यवंदन करने की पावन विधि।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रमुख विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eआकर्षक एवं सुस्पष्ट मुखपृष्ठ (Cover Design):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e जैसा कि आप फोटो \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eमें देख सकते हैं, पुस्तक का आवरण (कवर) जीवंत पीले और गुलाबी रंगों के सुंदर संयोजन से सुसज्जित है। केंद्र में 'पांच कर्तव्य' के साथ महापर्व की मुख्य आराधनाओं को अलग-अलग गोल चक्रों में बेहद सुस्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eप्रामाणिक प्रकाशन:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e यह पावन ग्रंथ \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eश्री जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता, प्रामाणिकता और उच्च कोटि के संपादन के लिए संपूर्ण जैन समाज में अत्यंत विश्वसनीय है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eस्पष्ट और सुपाठ्य अक्षर:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e पर्व के दिनों में उपाश्रय या घर पर बिना किसी कठिनाई के स्वाध्याय और शुद्ध वाचन करने के लिए पुस्तक के भीतर के अक्षरों (फॉन्ट) को एकदम साफ और बड़ा रखा गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eप्रीमियम क्वालिटी बाइंडिंग:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e पर्युषण के दिनों में सामूहिक और व्यक्तिगत नित्य आराधना के अनुकूल मजबूत हार्डबाउंड फिनिशिंग।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक किसके लिए अनिवार्य है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eपर्युषण आराधक:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e जो श्रावक-श्राविकाएं पर्युषण महापर्व के आठ दिनों में नियमपूर्वक व्याख्यान श्रवण, तपस्या और सांवत्सरिक प्रतिक्रमण की आराधना करते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eचातुर्मास स्वाध्याय:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e चौमासे के पवित्र महीनों में जैन धर्म के मूल कर्तव्यों को गहराई से समझने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eधार्मिक प्रभावना (Gifting):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e पर्यूषण महापर्व के आगमन पर, तपस्वियों के पारणे, संघ पूजा या संवत्सरी के मांगलिक प्रसंग पर साधर्मिक भाई-बहनों को \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eप्रभावना (ज्ञानदान उपहार)\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e स्वरूप भेंट करने के लिए सबसे उत्तम और आदरणीय विकल्प।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902327668889,"sku":null,"price":60.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/2B7B7BBC-10A4-4A60-A118-34BEB982B323.png?v=1781257540"},{"product_id":"navpad-aaradhna-vidhi-book-gujarati","title":"navpad aaradhna vidhi book (gujarati)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eनवपद आराधन विधि (आयंबील ओलीनी विधि) - श्री सिद्धचक्र महापूजन एवं तपस्या ग्रंथ\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैन शासन की सबसे महिमामयी, शाश्वत और अलौकिक आराधना को समर्पित एक अत्यंत अमूल्य ग्रंथ! \"नवपद आराधन विधि (आयंबील ओलीनी विधि)\" श्रावक और श्राविकाओं के लिए वर्ष में दो बार आने वाली पावन श्री शाश्वत ओली जी की नवपद आराधना को पूर्ण शास्त्रोक्त विधि, नियमों और शुद्ध भावों के साथ संपन्न करने का एक संपूर्ण माध्यम है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस पवित्र ग्रंथ में नवपद (अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु, दर्शन, ज्ञान, चारित्र और तप) की महिमा, उनके गुण, मंत्र-जाप और आयंबील तप की संपूर्ण विधि का अनूठा संकलन किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक की मुख्य विशेषताएँ और विषय (Key Features \u0026amp; Contents):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• संपूर्ण नवपद आराधना मार्गदर्शन: श्री सिद्धचक्र महायंत्र के नौ पदों की विस्तृत महिमा, प्रत्येक पद के गुण, उनके प्रतीक रंग और ध्यान धरने की प्रामाणिक विधि।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• आयंबील ओलीनी विधि: ओली जी के ९ दिनों के दौरान किए जाने वाले आयंबील तप के नियम, प्रत्याख्यान (पचक्खाण), देववंदन और आवश्यक ढाल-चैत्यवंदन का संग्रह।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• भव्य एवं सिद्धचक्र यंत्र मुखपृष्ठ (Cover Design): जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक का आवरण (कवर) अत्यंत सुंदर और उज्वलित सुनहरे-पीले रंग (Spiritual Golden-Yellow) के पृष्ठभूमि से सुसज्जित है। केंद्र में श्री सिद्धचक्र महायंत्र के नौ पदों को चित्रों और प्रतीकों के माध्यम से एक बेहद सुंदर रंग-बिरंगे कमल चक्र के रूप में दर्शाया गया है, जिसके मध्य में प्रभु विराजमान हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रामाणिक प्रकाशन: यह पावन ग्रंथ जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर, अहमदाबाद (Shri Jain Darshan) द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता, सटीकता और उच्च कोटि के संपादन के लिए संपूर्ण जैन समाज में विश्वसनीय माना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• स्पष्ट और सुपाठ्य अक्षर: तपस्या और आराधना के दिनों में उपाश्रय या घर के मंदिर में बिना किसी कठिनाई के शुद्ध वाचन व जाप करने के लिए पुस्तक के भीतर के फॉन्ट (अक्षरों) को एकदम साफ और बड़ा रखा गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक किसके लिए अनिवार्य है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• ओली जी के आराधक: जो श्रावक-श्राविकाएं चैत्र और अश्विन मास की शाश्वत ओली जी में नवपद जी की आराधना और आयंबील का तप करते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• नित्य नवपद ध्यान: जो प्रतिदिन नवपद जी के गुणों का स्मरण, जाप (माळ गणवी) और खमासमण देने की क्रिया करते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• धार्मिक प्रभावना (Gifting): श्री सिद्धचक्र महापूजन, ओली तप के पारणे, उपधान तप, या किसी भी जैन धार्मिक महोत्सव के शुभ अवसर पर साधर्मिक भाई-बहनों को प्रभावना (ज्ञानदान उपहार) स्वरूप भेंट करने के लिए सबसे पवित्र और उत्तम विकल्प।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902328455321,"sku":null,"price":60.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/9A9F95DB-94F7-4FBD-9E1E-085D6D92B5E5.png?v=1781257736"}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/collections\/IMG-5851.png?v=1781076450","url":"https:\/\/shreesumtinathjainupkaranbhandar.com\/collections\/books.oembed","provider":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","version":"1.0","type":"link"}