{"product_id":"bhaktamber-stotra-gujarati-hindi","title":"Bhaktamber stotra (gujarati \u0026 hindi)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eश्री भक्तामर स्तोत्र, श्री रत्नाकर पच्चीसी, श्री अरिहंत वंदनावली (महाप्रभावशाली जैन स्तोत्र संग्रह)\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजीवन के कष्टों को दूर करने, मन को असीम शांति देने और परमात्मा के प्रति अटूट श्रद्धा जाग्रत करने वाले तीन परम चमत्कारी एवं पूजनीय स्तोत्रों का महा-संग्रह! यह ग्रंथ हर जैन श्रावक-श्राविकाओं के दैनिक स्वाध्याय और अलौकिक आध्यात्मिक उन्नति के लिए एक अमूल्य धरोहर है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस एक ही पावन पुस्तक में जैन शासन के सबसे प्रभावशाली स्तोत्र और वंदनावलियों को बेहद शुद्धता के साथ संकलित किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक में समाहित ३ मुख्य महा-आराधनाएँ (Key Contents):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• श्री भक्तामर स्तोत्र (Shri Bhaktamar Stotra): आचार्य श्री मानतुंग सूरीश्वरजी महाराज द्वारा रचित आदिनाथ भगवान का यह विश्वप्रसिद्ध और महाप्रभावशाली स्तोत्र, जो संकटों, भयों और बाधाओं का नाश करने के लिए जाना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• श्री रत्नाकर पच्चीसी (Shri Ratnakar Pachchisi): वैराग्य और करुणा रस से भरपूर २५ गाथाओं का वह पावन संग्रह, जो आत्मा को झकझोर कर प्रभु चरणों में समर्पित होने की प्रेरणा देता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• श्री अरिहंत वंदनावली (Shri Arihant Vandanavali): देवों के देव, वीतराग अरिहंत परमात्मा की महिमा का गुणगान करने वाले भक्तिमय पाठों का सुंदर संकलन।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रमुख विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• अलौकिक एवं ब्रह्मांडीय मुखपृष्ठ (Cover Design): जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक का आवरण (कवर) तारों भरे नीले और जादुई ब्रह्मांड (Galaxy Effect) के सुंदर रंगों से सुसज्जित है। बाईं ओर लोहे की ४८ जंजीरों में बंधे आचार्य मानतुंग देव की चमत्कारी घटना और आदिनाथ भगवान की दिव्य किरणों को दर्शाती एक अत्यंत सुंदर और प्रेरणादायक छवि अंकित है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रामाणिक प्रकाशन: यह पावन ग्रंथ जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर, अहमदाबाद (Shri Jain Darshan) द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता, सटीकता और उच्च कोटि के संपादन के लिए अत्यंत विश्वसनीय माना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• स्पष्ट और सुंदर अक्षर: दैनिक जाप, ध्यान और अनुष्ठान के समय आसानी से पाठ करने के लिए पुस्तक के भीतर के अक्षरों को बेहद स्पष्ट और पठनीय रखा गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रीमियम लैंडस्केप डिज़ाइन: पुस्तक की क्षैतिज (Landscape) बनावट और मजबूत हार्डबाउंड बाइंडिंग इसे दैनिक उपयोग और पूजा की चौकी पर रखकर पढ़ने के लिए अत्यंत सुगम बनाती है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक कहाँ-कहाँ उपयोगी है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• दैनिक सुबह की साधना: नित्य प्रति उठकर भक्तामर स्तोत्र के जाप द्वारा अपने दिन को सकारात्मक और ऊर्जावान बनाने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• संकट निवारण एवं शांति: घर में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक शांति की प्राप्ति के लिए अनुष्ठान के रूप में।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• धार्मिक प्रभावना (Gifting): भक्तामर पाठ, ओली तप, उपधान तप, चातुर्मास या किसी भी मांगलिक प्रसंग पर साधर्मिक भाइयों-बहनों को प्रभावना (ज्ञानदान उपहार) स्वरूप भेंट करने के लिए सबसे पवित्र और आदरणीय विकल्प।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902312628377,"sku":null,"price":25.0,"currency_code":"INR","in_stock":true},{"title":"Hindi","offer_id":47902312661145,"sku":null,"price":25.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/457F95C6-0DA6-45A5-92B1-44E7D2ECD733.png?v=1781255712","url":"https:\/\/shreesumtinathjainupkaranbhandar.com\/products\/bhaktamber-stotra-gujarati-hindi","provider":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","version":"1.0","type":"link"}