{"product_id":"paryushan-parva-aradhna-bookgujarati","title":"Paryushan parva aradhna book(gujarati)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपर्युषण आराधना (विविध संग्रह) - महापर्व की संपूर्ण साधना एवं विधि ग्रंथ\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैन धर्म के प्राण, आत्म-शुद्धि और त्याग-तपस्या के महापर्व पर्युषण की आराधना को समर्पित एक अत्यंत अमूल्य और पावन ग्रंथ! \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e\"पर्युषण आराधना (विविध संग्रह)\"\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e श्रावक और श्राविकाओं के लिए इन आठ दिनों की पावन साधना को सही विधि, नियमों और शुद्ध भावों के साथ संपन्न करने का एक संपूर्ण माध्यम है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस विशेष ग्रंथ में पर्युषण महापर्व के दौरान किए जाने वाले आवश्यक कर्तव्यों, तपस्याओं और आराधना विधियों का एक ही स्थान पर अनूठा संकलन किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक में समाहित मुख्य आराधनाएँ (Key Contents \u0026amp; Five Duties):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपर्युषण पर्व के \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eपाँच अनिवार्य कर्तव्यों (पांच कर्तव्य)\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e और महत्वपूर्ण आराधनाओं को इस पुस्तक में विस्तार से समझाया गया है, जिन्हें मुख्य आवरण पर भी सुंदर चक्रों में दर्शाया गया है:\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eअमारि प्रवर्तन (Amari Pravartan):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e जीवदया और अहिंसा का पालन करने का संदेश।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eसाधर्मिक वात्सल्य (Sadharmik Vatsalya):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e साधर्मिक भाइयों-बहनों के प्रति निश्छल प्रेम और भक्ति का भाव।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eपरस्पर क्षमापना (Paraspar Kshamapana):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e संवत्सरी के पावन दिन सभी जीवों से अंतःकरण से क्षमा माँगने और क्षमा देने की विधि।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eअट्ठम नो तप (Attham Tap):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e पर्यूषण के दौरान किए जाने वाले विशेष तीन उपवास (अट्ठम तप) की महिमा और आराधना।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eचैत्य परिपाटी (Chaitya Paripati):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e संघ के साथ विभिन्न जिनालयों (मंदिरों) के दर्शन और चैत्यवंदन करने की पावन विधि।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रमुख विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eआकर्षक एवं सुस्पष्ट मुखपृष्ठ (Cover Design):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e जैसा कि आप फोटो \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eमें देख सकते हैं, पुस्तक का आवरण (कवर) जीवंत पीले और गुलाबी रंगों के सुंदर संयोजन से सुसज्जित है। केंद्र में 'पांच कर्तव्य' के साथ महापर्व की मुख्य आराधनाओं को अलग-अलग गोल चक्रों में बेहद सुस्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eप्रामाणिक प्रकाशन:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e यह पावन ग्रंथ \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eश्री जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता, प्रामाणिकता और उच्च कोटि के संपादन के लिए संपूर्ण जैन समाज में अत्यंत विश्वसनीय है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eस्पष्ट और सुपाठ्य अक्षर:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e पर्व के दिनों में उपाश्रय या घर पर बिना किसी कठिनाई के स्वाध्याय और शुद्ध वाचन करने के लिए पुस्तक के भीतर के अक्षरों (फॉन्ट) को एकदम साफ और बड़ा रखा गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eप्रीमियम क्वालिटी बाइंडिंग:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e पर्युषण के दिनों में सामूहिक और व्यक्तिगत नित्य आराधना के अनुकूल मजबूत हार्डबाउंड फिनिशिंग।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक किसके लिए अनिवार्य है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eपर्युषण आराधक:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e जो श्रावक-श्राविकाएं पर्युषण महापर्व के आठ दिनों में नियमपूर्वक व्याख्यान श्रवण, तपस्या और सांवत्सरिक प्रतिक्रमण की आराधना करते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eचातुर्मास स्वाध्याय:\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e चौमासे के पवित्र महीनों में जैन धर्म के मूल कर्तव्यों को गहराई से समझने के लिए।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eधार्मिक प्रभावना (Gifting):\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e पर्यूषण महापर्व के आगमन पर, तपस्वियों के पारणे, संघ पूजा या संवत्सरी के मांगलिक प्रसंग पर साधर्मिक भाई-बहनों को \u003c\/span\u003e\u003cspan\u003eप्रभावना (ज्ञानदान उपहार)\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e स्वरूप भेंट करने के लिए सबसे उत्तम और आदरणीय विकल्प।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902327668889,"sku":null,"price":60.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/2B7B7BBC-10A4-4A60-A118-34BEB982B323.png?v=1781257540","url":"https:\/\/shreesumtinathjainupkaranbhandar.com\/products\/paryushan-parva-aradhna-bookgujarati","provider":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","version":"1.0","type":"link"}