{"product_id":"samayik-sutra-book-gujarati","title":"Samayik sutra book (gujarati)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eविधि सहित गुरुवंदन, सामायिक लेवा-पारवाना सूत्र और चैत्यवंदन सूत्र - संपूर्ण जैन क्रिया मार्गदर्शिका\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजैन धर्म की दैनिक साधना, समता भाव (सामायिक) और गुरु भक्ति को समर्पित एक अत्यंत अनिवार्य और पावन ग्रंथ! यह पुस्तक श्रावक और श्राविकाओं के लिए दैनिक जीवन में की जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण आराधनाओं को सही विधि और शुद्ध पाठ के साथ संपन्न करने का एक संपूर्ण माध्यम है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस एक ही ग्रंथ में सामायिक लेने-पारने की विधि, पूज्य गुरु भगवंतों को वंदन करने के नियम और जिन-मंदिर में किए जाने वाले चैत्यवंदन के सूत्रों का प्रामाणिक संकलन किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक में समाहित मुख्य आराधनाएँ (Key Contents):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• विधि सहित गुरुवंदन: पूज्य साधु-साध्वी भगवंतों को शास्त्रोक्त विधि से वंदन करने के नियम, मुद्राएँ और आवश्यक सूत्र।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• सामायिक लेवा-पारवाना सूत्र: ४८ मिनट की आत्म-साधना (सामायिक) को शुरू करने (लेने) और पूर्ण करने (पारने) की संपूर्ण विधि और आवश्यक पाठ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• चैत्यवंदन के सूत्र: जिन-मंदिर में परमात्मा के दर्शन के समय भावपूर्वक की जाने वाली चैत्यवंदन क्रिया के सभी प्रामाणिक सूत्र।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रमुख विशेषताएँ (Key Features \u0026amp; Highlights):\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• क्रियाओं को दर्शाती सुंदर चित्रमयी कलाकृति: जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक के मुख्य आवरण (कवर) पर सामायिक और आराधना की अलग-अलग मुद्राओं (जैसे आसन, कायोत्सर्ग, वंदन और चरवला प्रतिलेखन) को चित्रों के माध्यम से बेहद सुंदर और स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है। केंद्र में एक पूज्य साधु भगवंत की पावन छवि और जिनालय अंकित है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रामाणिक प्रकाशन: यह पावन ग्रंथ जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर (Shri Jain Darshan) द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता, प्रामाणिकता और उच्च कोटि के संपादन के लिए संपूर्ण जैन समाज में विश्वसनीय माना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• स्पष्ट और सुपाठ्य अक्षर: दैनिक साधना, उपाश्रय या मंदिर जी में बिना किसी कठिनाई के शुद्ध वाचन करने के लिए पुस्तक के भीतर के अक्षरों (फॉन्ट) को बेहद साफ और बड़ा रखा गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• प्रीमियम हार्डबाउंड क्वालिटी: नित्य आराधना और नियमित उपयोग को ध्यान में रखते हुए मजबूत बाइंडिंग और बेहतरीन क्वालिटी के नीले रंग के आकर्षक कवर के साथ तैयार।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह पुस्तक किसके लिए अनिवार्य है?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• दैनिक आराधक: जो प्रतिदिन सामायिक की साधना करते हैं या नियमित रूप से गुरु भगवंतों के दर्शन-वंदन के लिए उपाश्रय जाते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• ज्ञानशाला और नए आराधक: जो बच्चे या युवा जैन धर्म के बुनियादी सूत्रों को सही विधि और उचित मुद्राओं के साथ सीखना चाहते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e• धार्मिक प्रभावना (Gifting): पर्यूषण महापर्व, ओली जी के पारणे, उपधान तप, या किसी भी जैन धार्मिक महोत्सव के शुभ अवसर पर साधर्मिक भाई-बहनों को प्रभावना (ज्ञानदान उपहार) स्वरूप भेंट करने के लिए सबसे उत्तम विकल्प।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","offers":[{"title":"Gujarati","offer_id":47902322917529,"sku":null,"price":25.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0727\/4148\/6745\/files\/63F2C2F5-34AB-412F-A3C4-BE7DB8A8996F.png?v=1781257034","url":"https:\/\/shreesumtinathjainupkaranbhandar.com\/products\/samayik-sutra-book-gujarati","provider":"shree sumtinath jain upkaran bhandar","version":"1.0","type":"link"}