Shreepal rajaji ka raas
Shreepal rajaji ka raas
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श्रीपाल राजा का रास जैन धर्म के इतिहास और साहित्य का एक अत्यंत प्रेरणादायी और महान ग्रंथ है। यह पावन ग्रंथ राजा श्रीपाल और रानी मयणासुंदरी के जीवन, उनके अटूट समर्पण, नवपद ओली जी की असीम महिमा और कर्मों के प्रभाव को बेहद सुंदर रूप से दर्शाता है। स्वाध्याय और धार्मिक ज्ञानवर्धन के लिए यह एक अनिवार्य पुस्तक है।
जैसा कि हम फोटो में देख सकते हैं, यह पुस्तक एक भव्य और आकर्षक सचित्र हार्डबाउंड (Hardbound) कवर के साथ आती है, जिसके केंद्र में श्री नवपद जी चक्र और जैन कलाकृति की सुंदर प्रस्तुति है। इसका प्रीमियम लुक इसे घर के मंदिर, व्यक्तिगत संग्रह या किसी को प्रभावना (Gift) में देने के लिए सर्वोत्तम बनाता है।
मुख्य विशेषताएँ (Key Features):
• प्रेरणादायी गाथा: राजा श्रीपाल और सती मयणासुंदरी के जीवन का संपूर्ण और प्रामाणिक वृत्तांत।
• नवपद महिमा: जैन शासन के महापर्व नवपद ओली जी की आराधना और उसके चमत्कारी प्रभावों का सुंदर वर्णन।
• सचित्र एवं आकर्षक डिजाइन: सुंदर धार्मिक चित्रों और मजबूत बाइंडिंग के साथ दीर्घकालिक उपयोग के लिए तैयार।
• स्पष्ट छपाई: बड़े और स्पष्ट अक्षर, जिससे बुजुर्गों और स्वाध्यायी भाई-बहनों को पढ़ने में पूरी सुगमता रहे।
• प्रकाशन: श्री जैन दर्शन (Shri Jain Darshan)।
उत्पाद विवरण (Product Specifications):
• पुस्तक का नाम: श्रीपाल राजा का रास (Shripal Raja Ka Raas)
• विषय: जैन इतिहास, धार्मिक कथा, नवपद आराधना और स्वाध्याय
• कवर प्रकार: प्रीमियम हार्डबाउंड (Hardcover)
• उपयोगिता: ओली जी की आराधना, पर्युषण पर्व के स्वाध्याय, धार्मिक वाचन और प्रभावना के लिए उत्तम।
Product features
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Materials and care
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Merchandising tips
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