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Trikal devvandan vidhi sahit(gujarati)

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त्रिकाल देववंदन (विधि सहित) - संपूर्ण जैन त्रिकाल संध्या एवं प्रभु आराधना ग्रंथ

परमात्मा की भक्ति को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और तीनों कालों (सुबह, दोपहर और शाम) में प्रभु वंदना करने के लिए एक अत्यंत पावन और अमूल्य ग्रंथ! "त्रिकाल देववंदन (विधि सहित)" जैन श्रावक-श्राविकाओं के लिए जिन-भक्ति, चैत्यवंदन और आत्म-जागृति का एक श्रेष्ठ मार्गदर्शक है।

जैन धर्म में तीनों संध्याओं के समय परमात्मा की स्तुति और वंदन करने का विशेष महत्व माना गया है। यह पुस्तक आपको शास्त्रोक्त विधि और शुद्ध पाठ के साथ तीनों काल की देववंदन क्रिया संपन्न करने में मदद करेगी।

पुस्तक की मुख्य विशेषताएँ और विषय (Key Features & Contents):

• संपूर्ण त्रिकाल देववंदन पाठ: प्रातःकाल (सुबह), मध्याह्न (दोपहर) और सायंकाल (शाम) के समय की जाने वाली देववंदन क्रियाओं का प्रामाणिक संकलन।

• विधि सहित मार्गदर्शन (With Step-by-Step Method): किस समय कौन सी स्तुति और चैत्यवंदन किस विधि से करना चाहिए, इसका सरल एवं स्पष्ट विवरण।

• भक्तिमय एवं सौम्य मुखपृष्ठ (Cover Design): जैसा कि आप फोटो में देख सकते हैं, पुस्तक का आवरण (कवर) उज्वलित पीले और नारंगी (सूर्योदय/आध्यात्मिक आभा) के सुंदर रंगों से सुसज्जित है। केंद्र में प्रार्थना की मुद्रा में जुड़े हुए हाथ और नीचे पावन पुष्पों (फूलों) की सुंदर छवि अंकित है, जो समर्पण के भाव को दर्शाती है।

• प्रामाणिक प्रकाशन: यह पावन ग्रंथ जैन दर्शन प्रकाशन मंदिर, अहमदाबाद (Shri Jain Darshan) द्वारा प्रकाशित है, जो जैन धार्मिक साहित्यों की शुद्धता, सटीकता और प्रामाणिकता के लिए संपूर्ण जैन समाज में आदरणीय है।

• स्पष्ट और सुपाठ्य अक्षर: घर के मंदिर, उपाश्रय या यात्रा के दौरान बिना किसी कठिनाई के शुद्ध वाचन करने के लिए पुस्तक के भीतर के अक्षरों को बेहद साफ और स्पष्ट रखा गया है।

यह पुस्तक कहाँ-कहाँ उपयोगी है?

• नित्य त्रिकाल आराधना: जो श्रावक-श्राविकाएं प्रतिदिन तीनों समय नियमानुसार सामायिक, स्वाध्याय या देववंदन की क्रिया करते हैं।

• चातुर्मास, ओली जी एवं पर्यूषण पर्व: धार्मिक उत्सवों और तपस्या के दिनों में विशेष भक्ति अनुष्ठान संपन्न करने के लिए।

• धार्मिक प्रभावना (Gifting): संघ पूजा, उपधान तप के पारणे, तपस्वियों के बहुमान या किसी भी जैन धार्मिक महोत्सव के शुभ अवसर पर साधर्मिक भाइयों-बहनों को प्रभावना (ज्ञानदान उपहार) स्वरूप भेंट करने के लिए सर्वोत्तम विकल्प।

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